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Pratidin Ek Kavita · August 15 · 1 min

Mujhe Teen Do Shabd | Agyeya

मुझे तीन दो शब्द । अज्ञेय मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ। एक शब्द वह जो न कभी जिह्वा पर लाऊँ, और दूसरा : जिसे कह सकूँ किंतु दर्द मेरे से जो ओछा पड़ता हो। और तीसरा : खरा धातु, पर जिसको पाकर पूछूँ— क्या न बिना इसके भी काम चलेगा? और मौन रह जाऊँ। मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ।

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मुझे तीन दो शब्द । अज्ञेय


मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ।


एक शब्द वह जो न कभी जिह्वा पर लाऊँ,

और दूसरा : जिसे कह सकूँ

किंतु दर्द मेरे से जो ओछा पड़ता हो।

और तीसरा : खरा धातु, पर जिसको पाकर पूछूँ—

क्या न बिना इसके भी काम चलेगा? और मौन रह जाऊँ।


मुझे तीन दो शब्द कि मैं कविता कह पाऊँ।