Skip to content
Pratidin Ek Kavita

Har Baar Deewaar | Jyotsna Milan

July 25 · 1 min · Episode 1212 · 2.7 MB
0:00-1:51

Streams straight from the publisher. podnod never proxies or re-hosts episode audio.

हर बार दीवार।  ज्योत्स्ना मिलन


आसमान होगा की उम्मीद में

बाहर देखती खिड़की से


बाहर

दीवार होती सामने


और होती

फाँक भर धूप


दो दीवारों के बीच धरी-सी

दीवार की जगह


आसमान नहीं निकला कभी

घास का मैदान भी नहीं


खिड़की के बाहर

हर बार


एक दीवार

आसमान के बदले।