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show notes
किताब बंद थी, कहानी नहीं
रात के ग्यारह बजे...ऑफिस से लौटा, किताब खोल ली।
दो पेज पढ़े, फिर नींद आने लगी।सोचा, छोड़ यार, अपने बस का नहीं।
फिर याद आया...
शुरू क्यों किया था?
सुबह से ऑफिस, घर आते-आते रात,आठ डोमेन, और सिर में सौ बात।
Risk पढ़ा, BCP भूल गया,Mock में नंबर देख के मन बैठ गया।
Encryption की key में उलझा रहा,Data कैसे बचे, यही समझता रहा।
Bell-LaPadula, राज़ की रखवाली,ऊपर मत पढ़, नीचे मत लिख, बात समझ आई।
Biba में integrity का हिसाब,नीचे मत पढ़, ऊपर मत लिख, यही जवाब।
कल समझ नहीं आया, आज फिर पढ़ूँगा,एक diagram बनाकर confusion दूर करूँगा।
दोस्त के promotion की आई ख़बर,घरवाले पूछें, कब बदलेगा सफ़र?
किताब बंद की, आँखें नीचे कर लीं,फिर अपनी ही कही एक बात याद आई।
मैंने ही तो सपना देखा था,एक बेहतर कल के लिए।
अगर आज ही हार मान लूँ,तो इतने दिन पढ़ा किसके लिए?
एक पन्ना और! एक सवाल और!रुक गया था कल, आज चल एक बार और!
आठ डोमेन हैं, कोई पहाड़ नहीं,मॉक में हारा हूँ, ज़िंदगी में नहीं!
एक पन्ना और! एक सवाल और!आज नहीं समझा, तो पढ़ूँगा एक बार और!
रात अभी बाकी है, हिम्मत गई नहीं,किताब बंद थी... कहानी नहीं!
आज जो नौकरी है, उससे आगे जाना है,सिर्फ़ काम नहीं, बड़े फ़ैसले उठाना है।
आज जो अलर्ट देखूँ, कल रिस्क समझाऊँ,एक दिन बोर्डरूम में अपनी बात रख पाऊँ।
Security Manager, Architect की राह,कल दूर लगती थी, अब उसपे निगाह।
पच्चीस-चालीस लाख के रोल भी दिखे,पर experience के सवाल भी साथ लिखे।
सिर्फ़ सर्टिफिकेट से बात नहीं बनेगी,Skills और मेहनत भी साथ में लगेगी।
घर में भी कुछ अच्छे दिन लेकर आना है,अपने आप को एक मौका और दिलाना है।
सुन भाई...
Bell और Biba में फिर confused हो गया?
कोई बात नहीं।
एक बार फिर समझ।
गलत जवाब आया?
उसका reason पढ़।
तूने CISSP इसलिए शुरू नहीं किया थाकि सब पहले दिन समझ आ जाएगा।
तूने शुरू किया था...
क्योंकि ज़िंदगी में कुछ बदलना था।
एक पन्ना और! एक सवाल और!रुक गया था कल, आज चल एक बार और!
आठ डोमेन हैं, कोई पहाड़ नहीं,मॉक में हारा हूँ, ज़िंदगी में नहीं!
किसने कहा अब देर हो गई?किसने कहा तेरी उम्र निकल गई?
कल से थोड़ा बेहतर आज बनूँगा,एक दिन CISSP बनने के क़ाबिल बनूँगा!
आज कोई exam पास नहीं हुआ।
आज कोई salary नहीं बढ़ी।
बस दो हफ़्ते से बंद किताब...
फिर खुल गई।
चल भाई...
अब अगला सवाल करते हैं।