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Artwork for MahiShAsuramardinI Stotra Class in Sanskrit
MahiShAsuramardinI Stotra Class in Sanskrit · Feb 29, 2016

Mahishasuramardini-12-13

सहित-महाहव-मल्लम-तल्लिक-मल्लित-रल्लक-मल्लरते विरचित-वल्लिक-पल्लिक-मल्लिक-भिल्लिक-भिल्लिक-वर्गवृते । सितकृत-फुल्लसमुल्ल-सितारुण-तल्लज-पल्लव-सल्ललिते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ १२ ॥ अविरल-गण्ड-गलन्मद-मेदुर-मत्त-मतङ्गज-राजपते त्रिभुवन-भूषण-भूत-कलानिधि रूप-पयोनिधि राजसुते । अयि सुद-तीजन-लालसमानस-मोहन-मन्मथ-राजसुते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ १३ ॥

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सहित-महाहव-मल्लम-तल्लिक-मल्लित-रल्लक-मल्लरते
विरचित-वल्लिक-पल्लिक-मल्लिक-भिल्लिक-भिल्लिक-वर्गवृते ।
सितकृत-फुल्लसमुल्ल-सितारुण-तल्लज-पल्लव-सल्ललिते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ १२ ॥

अविरल-गण्ड-गलन्मद-मेदुर-मत्त-मतङ्गज-राजपते
त्रिभुवन-भूषण-भूत-कलानिधि रूप-पयोनिधि राजसुते ।
अयि सुद-तीजन-लालसमानस-मोहन-मन्मथ-राजसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ १३ ॥