MahiShAsuramardinI Stotra Class in Sanskrit · Jan 25, 2016
Mahishasuramardini-06
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अयि शरणागत-वैरि-वधूवर-वीर-वराभय-दायकरे
त्रिभुवन-मस्तक-शूल-विरोधि शिरोधि कृतामल-शूलकरे ।
दुमिदुमि-तामर-दुन्दुभिनाद-महो-मुखरीकृत-तिग्मकरे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ६ ॥