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Artwork for MahiShAsuramardinI Stotra Class in Sanskrit
MahiShAsuramardinI Stotra Class in Sanskrit · Jan 18, 2016

Mahishasuramardini-05

अयि रण-दुर्मद-शत्रु-वधोदित-दुर्धर-निर्जर-शक्तिभृते चतुर-विचार-धुरीण-महाशिव-दूतकृत-प्रमथाधिपते । दुरित-दुरीह-दुराशय-दुर्मति-दानवदूत-कृतान्तमते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ५ ॥

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अयि रण-दुर्मद-शत्रु-वधोदित-दुर्धर-निर्जर-शक्तिभृते
चतुर-विचार-धुरीण-महाशिव-दूतकृत-प्रमथाधिपते ।
दुरित-दुरीह-दुराशय-दुर्मति-दानवदूत-कृतान्तमते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ५ ॥