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आज के एपिसोड में हम सुनेंगे बाणों की शैया पर लेटे भीष्म पितामह के अमूल्य उपदेश। युधिष्ठिर अपने मन के शोक, धर्म और राजकाज से जुड़े प्रश्न लेकर उनके पास आते हैं। भीष्म उन्हें राजधर्म, आपद्धर्म, मोक्ष, दान, कर्म और जीवन के गहरे सत्य समझाते हैं। अंत में वे विष्णु सहस्रनाम का उपदेश देकर उत्तरायण के समय शांत भाव से अपने प्राण त्याग देते हैं।